भारत

भारतीय सरकार ने अपनी नीतियों की आलोचना करने वाले नागरिक समाज समूहों और गैर-सरकारी संस्थाओं को हैरान-परेशान करके, डरा-धमका करके और विदेशी वित्तीय सहायता पर बंदिशें लगा करके उनपर दबाव बढ़ा दिया है. राज्य और निहित स्वार्थी समूहों दोनों की तरफ से अभिव्यक्ति की आज़ादी को निशाना बनाया जा रहा है तथा सरकार की आलोचना करने वालों पर अक्सर देशद्रोह और आपराधिक मानहानि के मुकदमें किए जा रहे हैं एवं उन्हें "राष्ट्रद्रोही" करार दिया जा रहा है. सरकार विजिलैंटि समूहों के आक्रमणों से धार्मिक अल्पसंख्यक समूहों की रक्षा करने में विफल रही है. जाति प्रभावित समुदाय जातीय भेदभाव के दंश को झेल रहे हैं. सरकार अभी भी अभियोजन से सरकारी अधिकारियों और सुरक्षा बालों को सुरक्षा प्रदान करनेवाले कानूनों को निरस्त्र नहीं कर पाई है. सख्त कानूनों के बावजूद, महिलाएं और लड़कियां हिंसक वारदातों के खिलाफ़ इंसाफ पाने में बाधाओं का सामना कर रही हैं.  

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