अफगानिस्तान के खोस्त प्रांत के तानी जिले में 28 जुलाई, 2019 को खोस्त प्रोटेक्शन फोर्स के हमले में जली हुई एक कार. 

© 2019 स्टेफनी ग्लिंस्की

(न्यूयॉर्क) - ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी एक रिपोर्ट में कहा कि यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) समर्थित अफगान बलों ने किसी जवाबदेही और न्यायिक प्रक्रिया के बगैर लोगों को मौत के घाट उतारा है और दूसरे किस्म के गंभीर उत्पीड़न किए हैं. इन  हमलावर बलों ने रात्रि धावों के दौरान नागरिकों की गैर-क़ानूनी रूप से हत्या की है, बंदियों को बलपूर्वक गायब किया है और विद्रोही लड़ाकों का कथित तौर पर इलाज करने की जुर्रत में स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमला किया है. इन धावों और हवाई अभियानों से हताहत होने वाले नागरिकों की तादाद में पिछले दो सालों में काफी वृद्धि हुई है.

53 पृष्ठों की रिपोर्ट, “‘दे हेव शॉट मेनी लाइक दिस’: अब्यूसिव नाईट रेड्स बाय सीआईए-बैक्ड अफगान स्ट्राइक फोर्सेस,” में साल 2017 के आख़िरी महीनों से 2019 के मध्य तक के ऐसे 14 मामलों का ब्यौरा है जिनमें सीआईए समर्थित अफगान हमलावर बलों ने गंभीर दमन और उत्पीड़न ढाया है, जिनमें कुछ तो युद्ध अपराधों जैसे हैं. अमेरिका को चाहिए कि अफगान सरकार के साथ मिलकर उन सभी अर्धसैनिक बलों को भंग और निःशस्त्र करने के लिए काम करे जो सामान्य सैन्य श्रृंखला कमान के बाहर सक्रिय हैं और साथ ही उसे युद्ध अपराधों एवं मानवाधिकार उत्पीड़न के अन्य सभी आरोपों की स्वतंत्र जांच में सहयोग करना चाहिए.

सहायक एशिया निदेशक और रिपोर्ट की लेखिका पेट्रीसिया गॉसमैन ने कहा, “तालिबान के खिलाफ कार्रवाई तेज करने में सीआईए ने उत्पीड़नकारी अफगान बलों को गैर-न्यायिक हत्याओं और गुमशुदगी सहित अन्य उत्पीड़न को अंजाम देने की शक्ति प्रदान कर दी है. एक के बाद एक मामलों में, इन बलों ने हिरासत में लिए गए लोगों को सीधे गोली मार दी है और पूरे समुदाय को अत्याचारपूर्ण रात्रि धावों और अंधाधुंध हवाई हमले के आतंक के हवाले कर दिया है.”

यह रिपोर्ट ऐसे 39 स्थानीय निवासियों और अन्य लोगों के इंटरव्यू पर आधारित है जो गज़नी, हेलमंद, काबुल, कंधार, नंगरहर, पकतिया, उरुजगन, वारदाक और ज़ाबुल प्रांतों में रात्रि धावों के गवाह रहे हैं. साथ ही, यह उन अफगान मानवाधिकार समूहों के साथ साक्षात्कार पर आधारित है जिन्होंने इन धावों से जुड़े दस्तावेज़ तैयार किए हैं.

2001 के बाद, सीआईए ने अफगानिस्तान में अमेरिकी सैन्य अभियान के समानांतर लेकिन उससे बिल्कुल अलग आतंकवाद विरोधी कार्रवाई जारी रखी है. इसने अल-कायदा और तालिबान बलों एवं 2014 के बाद इस्लामिक स्टेट (जिसे आईएसआईएस के रूप में भी जाना जाता है) से संबद्ध आतंकवादियों के बरखिलाफ अफगान अर्धसैनिक बलों को भर्ती करना, सुसज्जित करना, प्रशिक्षित और तैनात करना जारी रखा है.

ये हमलावर बल विद्रोहियों की हत्या या उनको पकड़ने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर ऐसे ग्रामीण क्षेत्रों में रात्रि धावा बोलते हैं जो तालिबान के नियंत्रण में हैं या संघर्षरत इलाके हैं. ये बल आवासीय परिसर की दीवारों को तोड़ डालते है, घरों की तलाशी लेते हैं और उनके बाशिंदों से जिरह करते हैं. कुछ पुरुषों को हिरासत में लिया गया है लेकिन उनके परिवारों को उनके ठिकाने की जानकारी नहीं है. कई अन्य लोगों को सीधे गोली मार दी गई है.

ह्यूमन राइट्स वॉच ने जिन कई रात्रि धावों की पड़ताल की है, उनमें हमलावर बलों ने गलत पहचान, अपर्याप्त खुफिया जानकारी या इलाके में राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के कारण नागरिकों पर हमले किए हैं. इन टुकड़ियों ने ऐसी खुफिया सूचनाओं के आधार पर भी कई बार उन घरों को निशाना बनाया है कि जिनके सदस्यों ने तालिबान या आईएसआईएस विद्रोहियों को भोजन उपलब्ध कराया था, भले ही ऐसा उन्होंने दवाब में किया हो.

वारदाक प्रांत के एक निवासी ने ह्यूमन राइट्स वॉच को बताया कि “हमलावर बलों ने विस्फोटक से हमारी चारदीवारी के दरवाज़े को उड़ा दिया. उन्होंने हमारे घर के पीछे मेरे एक बेटे को मार डाला और दूसरे को अपने साथ ले गए... बलों ने हम पर आरोप लगाया, ‘तुम लोग तालिबान को क्यों भोजन उपलब्ध करा रहे हो?’ लेकिन तालिबान खाना मांगने आते हैं. यदि आप उन्हें खाना नहीं खिलाते हैं, तो वे आपको परेशान करते हैं.”

अगस्त 2019 में पकतिया प्रांत में एक अर्धसैन्य टुकड़ी ने ईद की छुट्टियों पर अपने परिजनों से मिलने आए आठ लोगों की हत्या कर दी. इस टुकड़ी ने उसी गांव के तीन अन्य लोगों को भी मार डाला. प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि किसी ने भी गोली मारे जाने से पहले कोई प्रतिरोध नहीं किया. हमलावरों ने एक 60 वर्षीय आदिवासी बुजुर्ग की आंखों में और उसके करीब 20-25 साल के भतीजे, जो कि एक छात्र था, के मुंह में गोली मार कर हत्या कर दी.

अफगान समुदाय के बुजुर्गों, स्वास्थ्यकर्मियों और अन्य लोगों ने बताया कि ये उत्पीड़नकारी धावे कई समुदायों के लिए विनाशकारी परिणामों वाली रोजमर्रा की घटना बन गए हैं. हमलावर टुकड़ियों के क्रियाकलापों से वाकिफ एक राजनयिक ने उन्हें “मौत का दस्ता” बताया.

रात्रि धावे अक्सर हवाई हमलों के साथ हुए हैं जिनमें अंधाधुंध रूप से काफी तादाद में अफगान नागरिक मारे गए हैं. पिछले एक साल में अमेरिकी हवाई अभियानों में नागरिक हताहतों की संख्या में भारी वृद्धि सामरिक निर्देशों में परिवर्तन का प्रतिबिम्ब हो सकती हैं, इस दौरान उन उपायों को समाप्त किया गया है, जिनसे पूर्व में आवासीय भवनों पर हमलों पर रोक सहित नागरिक क्षति में कमी आई थी. अमेरिकी और अफगान सरकारों ने अफगानिस्तान में कथित गैरकानूनी हवाई हमलों की पर्याप्त रूप से जांच नहीं की है. ह्यूमन राइट्स वॉच ने एक मामले की पड़ताल की जिसमें नंगरहर में हमलावर बलों के एक हवाई हमले में कई बच्चों सहित दो परिवारों के कम-से-कम 13 सदस्य मारे गए थे.

गॉसमैन ने कहा, “अमेरिकी और अफगान सरकारों को इन आरोपों की स्वतंत्र जांच में सहयोग करना चाहिए. ये अलग-थलग मामले नहीं हैं, बल्कि इन अर्धसैनिक बलों द्वारा युद्ध कानूनों के गंभीर उल्लंघनों, यहां तक ​​कि युद्ध अपराध की व्यापक कारगुजारियों के उदाहरण हैं.”

चिकित्सा सुविधाओं पर रात्रि धावों के दौरान हमलावर बलों ने मारपीट की है और कई दफा  चिकित्साकर्मियों और रोगियों की देखभाल में लगे नागरिकों को मार डाला है तथा सुविधाओं को क्षतिग्रस्त किया है. जुलाई में, हमलावर बलों की एक टुकड़ी ने वारदाक प्रांत में एक क्लिनिक पर धावा बोला, क्लिनिक के कर्मचारियों पर तालिबान लड़ाकों के इलाज का आरोप लगाया एवं देखभाल में लगे दो लोगों, एक गार्ड और एक क्लिनिक लैब कर्मी की हत्या कर दी.

युद्ध कानून घायल लड़ाकों सहित रोगियों और सभी चिकित्सा कर्मियों को हमले से सुरक्षा प्रदान करते हैं. हालांकि यह सुनिश्चित करने के लिए चिकित्सा सुविधाओं की जांच की जा सकती है कि वे सचमुच में चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहे हैं या नहीं, लेकिन चिकित्सा सेवाओं को बाधित करना या चिकित्सा उपकरणों को जब्त करना गैरकानूनी है.

तालिबान बलों ने युद्ध क़ानून के बार-बार उल्लंघन और मानवाधिकारों के हनन के साथ-साथ अंधाधुंध हमले भी किए हैं जिनमें अनेक नागरिक मारे गए और घायल हुए हैं. हालांकि, तालिबान के उत्पीड़न के आधार पर अफगान या अमेरिकी सरकार के उल्लंघनों को हरगिज सही नहीं ठहराया जा सकता.

अफगान सरकार को अफगान सुरक्षा बलों के उत्पीड़न के सभी आरोपों की निष्पक्ष रूप से जांच करनी चाहिए, युद्ध अपराध और गंभीर उत्पीड़न के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाना चाहिए और सामान्य सैन्य श्रृंखला कमान से बाहर सक्रिय अर्धसैनिक बलों को भंग और निःशस्त्र कर देना चाहिए. अमेरिकी सरकार को इन उत्पीड़नों में शामिल किसी भी अमेरिकी कर्मचारी की जांच करनी चाहिए, युद्ध अपराधों के जिम्मेदार लोगों पर मुकदमा चलाना चाहिए और गंभीर उल्लंघन के लिए जिम्मेदार अफगान बलों को समर्थन देना बंद करना चाहिए.

गॉसमैन ने कहा, “सीआईए समर्थित अफगान बलों ने एक के बाद एक मामलों में नागरिकों और बंदियों के अधिकारों की रक्षा का तिरस्कार किया है और युद्ध अपराध किए हैं. अमेरिकी और अफगान सरकारों को इस गंभीर मर्ज को ख़त्म करना चाहिए और सभी असंबद्ध बलों को भंग कर देना चाहिए.”