गंगाश्री उत्तर प्रदेश के कसेला गाँव में जाकर वहाँ के शुष्क शौचालयों से मानव मल को हाथ से उठाती है जिसे वह अपनी टोकरी में इकठ्ठा करती है और उसे गाँव के बाहर के इलाके में ले जाकर फेंक देती है।