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शिया और अन्य समूहों के खिलाफ भेदभाव को बढ़ाती उकसावाभरी हरकतें

(बेरूत) - ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी एक रिपोर्ट में कहा है कि सऊदी राज्य के कुछ मौलवी और संस्थान देश के शिया मुस्लिम अल्पसंख्यकों समेत धार्मिक अल्पसंख्यकों के खिलाफ नफरत और भेदभाव को प्रोत्साहित करते हैं.

असहमति को दबाने के लिए राजद्रोह, आतंकवाद-निरोधी कानूनों का इस्तेमाल

- ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि भारत सरकार अपने आलोचकों के खिलाफ राजद्रोह और आतंकवाद-निरोधी जैसे कठोर कानूनों के तहत मामलों समेत ढेर सारे राजनीति प्रेरित मुकदमें दर्ज कर रही है. सरकार को चाहिए कि वह कार्यकर्ताओं, शिक्षाविदों, छात्र नेताओं और अन्य लोगों के खिलाफ निराधार आरोप तुरंत वापस ले और हिरासत में लिए गए लोगों को बिना शर्त रिहा करे.

300 से अधिक संगठनों द्वारा अंतर्राष्ट्रीय तंत्र विकसित करने की मांग

321 नागरिक समाज समूहों के एक वैश्विक गठबंधन ने आज एक खुले पत्र में कहा कि संयुक्त राष्ट्र को चीन सरकार के मानवाधिकार उल्लंघनों को संबोधित करने के लिए तत्काल एक स्वतंत्र अंतर्राष्ट्रीय तंत्र बनाना चाहिए. इस गठबंधन में अजरबैजान से जाम्बिया, मोरक्को से मलेशिया, वियतनाम से वेनेजुएला तक फैले हुए दुनिया भर के 60 से अधिक देशों के समूह शामिल हैं.

धार्मिक जुलूस पर पैलेट-गन के इस्तेमाल से लोगों को गंभीर चोटें

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि भारत सरकार को जम्मू-कश्मीर में भीड़ को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा धातु के पैलेट फायरिंग करने वाले शॉटगन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए.

विश्व कप नज़दीक आ रहा है, मगर सरकार ने अभी तक प्रमुख सुधारों को पूरा नहीं किया है

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज एक वीडियो के साथ जारी रिपोर्ट में कहा कि समय पर उचित मजदूरी के मजदूरों के अधिकार को सुरक्षा प्रदान करने में कतर सरकार की कोशिशें काफी हद तक असफल साबित हुई हैं.

सुप्रीम कोर्ट द्वारा सामाजिक कार्यकर्ता की आवाज़ दबाने के लिए व्यापक शक्तियों का इस्तेमाल

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि भारत के सुप्रीम कोर्ट द्वारा आपराधिक अवमानना के लिए एक प्रमुख वकील को दोषी ठहराने से देश की न्यायपालिका समेत विधि सम्मत आलोचनाओं पर खौफ़नाक असर पड़ सकता है.

सरकार को चाहिए कि इनकी जांच करे, उत्पीड़न जारी रखने वाले कानून को रद्द करे

 

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि भारत सरकार को जम्मू और कश्मीर में जुलाई 2020 में सुरक्षा बलों द्वारा तीन लोगों की हत्या की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच का तुरंत आदेश देना चाहिए.

महामारी में इंटरनेट प्रतिबंधों ने साल भर से जारी प्रतिबंधों को बदतर बनाया

ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि 5 अगस्त, 2019 को जम्मू और कश्मीर का संवैधानिक दर्जा रद्द करने के एक साल बाद भारत सरकार ने राज्य के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में कठोर और भेदभावपूर्ण प्रतिबंधों को जारी रखा है.

स्वतंत्र रिपोर्ट फरवरी के दिल्ली हमलों में पुलिस निष्क्रियता को उजागर करती है

दिल्ली में फरवरी 2020 में हिंदू भीड़ द्वारा मुसलमानों पर किए गए हमलों की एक स्वतंत्र जांच में पाया गया है कि हिंसा में न केवल पुलिस की मिलीभगत थी बल्कि उसने हिंसा के लिए उकसाया भी. ये हमले भारत सरकार की भेदभावपूर्ण नागरिकता नीतियों के खिलाफ कई हफ़्तों से चले आ रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के बाद हुए.