• गंगाश्री उत्तर प्रदेश के कसेला गाँव में जाकर वहाँ के शुष्क शौचालयों से मानव मल को हाथ से उठाती है जिसे वह अपनी टोकरी में इकठ्ठा करती है और उसे गाँव के बाहर के इलाके में ले जाकर फेंक देती है।
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी की गई एक नई रिपोर्ट में कहा कि भारत सरकार को “हाथ से मल उठाने की प्रथा” - नीची जाति का माने जाने वाले समुदायों द्वारा मानव मल की सफाई - को खत्म करने के लिए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्थानीय अधिकारी इस भेदभावपूर्ण प्रथा पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए कानूनों को लागू करते हैं। सरकार को हाथ से मल उठाने वाले समुदाय के सदस्यों को वैकल्पिक, स्थायी आजीविका ढूँढने में मदद करने के उद्देश्य से बनाए गए मौजूदा कानून को लागू करना चाहिए।

रिपोर्ट या प्रतिवेदन

भारत

  • Jan 29, 2015
    ह्यूमन राइट्स वॉच की आज जारी हुई वर्ल्ड रिपोर्ट 2015 (World Report 2015) में कहा गया है कि भारत के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की नई सरकार को गंभीर रूप से अधिकारों का हनन करने वाले सरकारी अधिकारियों, पुलिस, और सैन्य कर्मियों को अदालत के सामने पेश करना चाहिए। मई 2014 में निर्वाचित इस सरकार को महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देकर क़ानून को लागू करने, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता की उपलब्धता में सुधार करने, भेदभाव समाप्त करने, और गरीबों तथा दलितों के लिए विकास के फायदों को सुनिश्चित करने हेतु चुनाव अभियान के दौरान किए गए अपने वादों को पूरा करने की दिशा में काम करना चाहिए।
  • Dec 3, 2014
    (नई दिल्ली)- ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि भारत में मनोसामाजिक अथवा बौद्धिक अक्षमताओं से जूझ रही महिलाओं और लड़कियों को जबरन मानसिक अस्पतालों और संस्थाओं में भर्ती करा दिया जाता है जहाँ उन्‍हें अस्वास्थ्यकर हालात का सामना करना पड़ता है, उन्हें शारीरिक एवं यौन हिंसा का जोखिम होता है, और बिजली के झटके देने सहित उनकी इच्छा के विरुद्ध उपचार किया जाता है। जैसा कि एक महिला ने बताया, उनके साथ “जानवरों से भी बुरा व्यवहार किया जाता है”।
  • Aug 25, 2014
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी की गई एक नई रिपोर्ट में कहा कि भारत सरकार को “हाथ से मल उठाने की प्रथा” - नीची जाति का माने जाने वाले समुदायों द्वारा मानव मल की सफाई - को खत्म करने के लिए यह सुनिश्चित करना चाहिए कि स्थानीय अधिकारी इस भेदभावपूर्ण प्रथा पर प्रतिबन्ध लगाने के लिए कानूनों को लागू करते हैं। सरकार को हाथ से मल उठाने वाले समुदाय के सदस्यों को वैकल्पिक, स्थायी आजीविका ढूँढने में मदद करने के उद्देश्य से बनाए गए मौजूदा कानून को लागू करना चाहिए।
  • Apr 22, 2014
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज जारी एक रिपोर्ट में कहा कि भारत में स्कूल प्राधिकारी हाशिए पर रह रहे समुदायों के बच्चों के साथ लगातार भेदभाव करते हैं, उन्हें शिक्षा के उनके अधिकार से वंचित करते हैं।
  • Mar 26, 2014
  • Jan 24, 2014
  • Oct 9, 2013
    ह्यूमन राइट्स वॉच ने आज कहा कि भारत सरकार को पिछले महीने उत्तरी राज्य उत्तर प्रदेश में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के दौरान यौन हमलों और सामूहिक बलात्कार सहित सभी अपराधों की पूरी तरह जाँच करनी चाहिए।
  • Feb 7, 2013

    भारत सरकार को नई दिल्ली में दिसंबर, 2012 में एक छात्रा के साथ सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद व्यापक सुधार प्रयासों के तहत यौन उत्पीड़न से बच्चों की सुरक्षा में सुधार लाना चाहिए

  • Feb 1, 2013
    आज अपनी विश्व रिपोर्ट 2013का विमोचन करते हुए ह्यूमन राइट्स वॉच ने कहा कि भारत में नागरिक समाज की सुरक्षा, महिलाओं के विरुद्ध यौन हिंसा, और लंबे समय से उत्पीड़नों के लिए सरकारी अधिकारियों को जवाबदेह मानने में विफलता के कारण मानवाधिकारों की स्थिति गंभीर रूप लेते हुए बदतर हो गर्इ है. हालांकि सरकार ने बच्चों को यौन उत्पीड़न से सुरक्षा के लिए नया कानून बनाने और अन्य देशों में मानवाधिकारों के संरक्षण हेतु अंतर्राष्ट्रीय प्रस्तावों का पुरजोर समर्थन करने सहित कुछ क्षेत्रों में प्रगति की है.
  • Jul 30, 2012
    भारत में सरकार और माओवादियों द्वारा सामाजिक कार्यकर्ताओं को धमकाया जा रहा है व उन पर हमले किए जा रहे हैं जिसके कारण मध्य और पूर्वी भारत के इलाकों में इन कार्यकर्ताओं की बुनियादी स्वतंत्रता और लोगों को मिलने वाली सहायता खतरे में पड़ गई है.